Maruti Swift India vs Dubai: बेस मॉडल्स की तुलना – सबसे सस्ते वेरिएंट में किसे क्या मिलता है?

जब हम टॉप मॉडल की बात करते हैं, तो दोनों देशों की कारों में फीचर्स की भरमार होती है। लेकिन असली अंतर तब पता चलता है जब हम Base Model (शुरुआती वेरिएंट) को देखते हैं। भारत में बेस मॉडल (LXi) का मतलब अक्सर “बिना फीचर्स वाली कार” होता है, लेकिन दुबई में कहानी थोड़ी अलग है। Maruti Swift India vs Dubai Comparison: इंजन, फीचर्स और सेफ्टी में कितना फर्क है?
आज हम Maruti Swift LXi (India) और Suzuki Swift GL (Dubai Base Model) की तुलना करेंगे और जानेंगे कि क्या दुबई का बेस मॉडल भारत के बेस मॉडल से बेहतर है? 13 Upcoming Cars in Jan 2026 | New Car Launches in 2026 By Tata, Mahindra, Maruti
1. Engine and Transmission (इंजन और ट्रांसमिशन)
बेस मॉडल में भी इंजन वही रहता है, लेकिन गियरबॉक्स में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
Indian Swift LXi (Base):
- भारत में बेस मॉडल में 1.2L Z-Series (3-Cylinder) पेट्रोल इंजन मिलता है।
- यह इंजन 80 BHP की पावर देता है।
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय बेस मॉडल में केवल 5-Speed Manual (MT) गियरबॉक्स मिलता है। इसमें ऑटोमैटिक का विकल्प नहीं है।
Dubai Swift GL (Base):
- दुबई के बेस मॉडल में भी 1.2L पेट्रोल इंजन होता है, लेकिन अक्सर यह माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक के साथ आता है या थोड़ा अलग ट्यून होता है।
- सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि दुबई में बेस मॉडल में भी अक्सर CVT Automatic गियरबॉक्स स्टैंडर्ड मिलता है। वहां मैनुअल गियरबॉक्स वाली कारें बहुत कम बिकती हैं, इसलिए बेस मॉडल चलाने वाले को भी क्लच दबाने की झंझट नहीं होती।
2. Safety Features (सेफ्टी फीचर्स)
सेफ्टी के मामले में भारत ने बहुत बड़ा सुधार किया है, और अब भारतीय बेस मॉडल भी काफी सुरक्षित हो गया है।
Indian Swift LXi:
- पहले बेस मॉडल में सेफ्टी कम होती थी, लेकिन अब 2024 मॉडल में कंपनी ने 6 Airbags स्टैंडर्ड कर दिए हैं।
- इसके अलावा ESP (Electronic Stability Program) और Hill Hold Assist भी अब बेस मॉडल LXi में मिलता है, जो कि बहुत अच्छी बात है।
Dubai Swift GL:
- दुबई के बेस मॉडल में भी एयरबैग्स और ABS/EBD स्टैंडर्ड मिलते हैं।
- हालाँकि, जो हाई-टेक फीचर्स (ADAS – जैसे कि ऑटोमैटिक ब्रेकिंग) टॉप मॉडल में मिलते हैं, वे अक्सर दुबई के बेस मॉडल से नदारद रहते हैं। फिर भी, बिल्ड क्वालिटी और चेसिस की मजबूती इंटरनेशनल मानकों वाली होती है।
3. Interior and Features (इंटीरियर और फीचर्स)
यहाँ सबसे बड़ा “फीचर गैप” देखने को मिलता है। भारतीय बेस मॉडल बिल्कुल खाली होता है, जबकि दुबई का बेस मॉडल काफी लोडेड होता है।
Indian Swift LXi (क्या नहीं मिलता?):
- भारत के LXi मॉडल में म्यूजिक सिस्टम नहीं मिलता। आपको बाहर से लगवाना पड़ता है।
- स्टीयरिंग पर कोई बटन नहीं होते।
- इसमें स्टील व्हील्स (Steel Wheels) मिलते हैं, वो भी बिना व्हील कवर के।
- पीछे की पावर विंडो अक्सर नहीं मिलती (मैनुअल हैंडल होते हैं) और न ही पार्सल ट्रे मिलती है।
Dubai Swift GL (क्या मिलता है?):
- दुबई के बेस मॉडल (GL) में कंपनी से फिट किया हुआ ऑडियो सिस्टम (MP3/Bluetooth) मिलता है।
- इसमें चारों पावर विंडो और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल शीशे (ORVMs) अक्सर स्टैंडर्ड होते हैं।
- कई बार बेस मॉडल में भी की-लेस एंट्री (Keyless Entry) और पुश बटन स्टार्ट मिल जाता है, जो भारत में केवल ऊपर के मॉडल्स में आता है।
4. Size and Dimensions (साइज और डाइमेंशन्स)
गाड़ी का बाहरी ढांचा (Dimensions) टॉप मॉडल जैसा ही होता है, लेकिन टायर्स और ग्राउंड क्लीयरेंस में फर्क होता है।
- टायर्स: भारतीय बेस मॉडल (LXi) में 14-इंच के पतले टायर्स और स्टील रिम मिलते हैं। दुबई के बेस मॉडल में अक्सर 15-इंच के रिम या कभी-कभी बेस मॉडल में भी अलॉय व्हील्स (Alloy Wheels) दे दिए जाते हैं (डीलर पैकेज के अनुसार)।
- ग्राउंड क्लीयरेंस: भारतीय सड़कों के गड्ढों से बचाने के लिए इंडियन स्विफ्ट को ऊंचा (~163 mm) रखा गया है, जबकि दुबई मॉडल नीचा (~120 mm) होता है।
5. Mileage (माइलेज)
यहाँ भारतीय मॉडल हमेशा की तरह किंग है।
- Indian Swift LXi: मैनुअल गियरबॉक्स और हल्के टायर्स होने की वजह से यह 24.8 kmpl तक का जबरदस्त माइलेज देती है।
- Dubai Swift GL: चूंकि इसमें ऑटोमैटिक (CVT) गियरबॉक्स होता है और इंजन पर AC का लोड ज्यादा रहता है (दुबई की गर्मी के कारण), इसका माइलेज 18-20 kmpl के आसपास रहता है।
6. Price Comparison (कीमत का अंतर)
कीमत में भी काफी अंतर है क्योंकि दुबई के बेस मॉडल में फीचर्स ज्यादा हैं।
- Maruti Swift LXi (India): इसकी कीमत लगभग ₹6.49 लाख (Ex-showroom) से शुरू होती है। यह एक बजट कार है।
- Suzuki Swift GL (Dubai): वहां बेस मॉडल की कीमत लगभग 50,000 AED के आसपास से शुरू हो सकती है, जो भारतीय करेंसी में ₹11 लाख से ₹12 लाख के करीब बैठती है। यानी वहां का बेस मॉडल भारत के टॉप मॉडल से भी महंगा है।
7. NCAP Rating (NCAP रेटिंग)
- Global Spec (Dubai): बेस मॉडल में भी वही मजबूत ढांचा इस्तेमाल होता है जिसे Euro NCAP या Japan NCAP में 3 से 4 स्टार मिले हैं।
- Indian Spec: भारतीय बेस मॉडल का अभी Bharat NCAP टेस्ट नहीं हुआ है, लेकिन 6 एयरबैग्स होने से सुरक्षा की उम्मीद बढ़ गई है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर हम India vs Dubai Base Model की तुलना करें, तो Dubai Swift GL बेस मॉडल होते हुए भी भारत के मिड-वेरिएंट (VXi/ZXi) जैसा महसूस होता है क्योंकि उसमें ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और म्यूजिक सिस्टम मिलता है।
दूसरी तरफ, Indian Swift LXi पूरी तरह से “बजट” और “माइलेज” पर फोकस करती है। यह उन लोगों के लिए है जिन्हें कम दाम में एक सुरक्षित (6 एयरबैग्स वाली) कार चाहिए और वे बाकी फीचर्स (जैसे म्यूजिक सिस्टम) अपनी मर्जी से बाहर से लगवाना चाहते हैं।
